ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार के जुलूस के दौरान ही तेहरान में बड़ी संख्या में लोगों के हाथ में लाल झंडे भी देखे जा रहे हैं।
फिर लगभग 10 किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ भी उमड़ पड़ी है। और फिर कुछ लोग शोकगीत गा रहे हैं, जबकि कई लोग रो भी रहे हैं।
फिर अंतिम संस्कार जुलूस प्रसिद्ध ‘इंक़लाब स्क्वायर’ से होकर गुज़रेगा। और फिर इस चौक पर एक विशाल प्रतिमा है, जिसे ‘प्रतिरोध की मुट्ठी’ के नाम से जाना जाता है।
फिर यह प्रतिमा उत्सवों का एक प्रमुख प्रतीक है, जिस पर ‘हमें उठ खड़ा होना चाहिए’ का नारा भी उकेरा गया है। फिर लाल झंडे को प्रतिशोध के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है।
और फिर भीड़ में ये लाल झंडे प्रमुखता से दिखाई भी दे रहे हैं, जबकि कई पोस्टर विशेष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित भी हैं।
हालांकि इसमें से कुछ बातें महज़ बयानबाज़ी हैं, लेकिन आयतुल्लाह की हत्या को लेकर ही फैला गुस्सा ईरान के नए नेतृत्व में भी अशांति भी पैदा कर रहा है।
साथ ही कट्टरपंथी ट्रंप टीम के साथ हो रही बातचीत की विशेष रूप से आलोचना भी कर रहे हैं।
फिर अंतिम संस्कार जुलूस की तस्वीरों में, कुछ शोक संतप्त लोगों को ट्रंप विरोधी पोस्टर और बैनर लिए हुए भी देखा जा सकता है।
जिनमें मौत की धमकियां भी शामिल हैं। फिर इन बैनरों में नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के ख़िलाफ़ ही नारे भी शामिल हैं।