न्यूजलिंक हिंदी, नई दिल्ली। संसद में सुरक्षा चूक के मामले में सुरक्षा स्टाफ से जुड़े आठ लोगों को सस्पेंड कर दिया गया। बुधवार को हुये हमले के बाद जहां संदद में मौजूद सांसदों में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, 13 दिसंबर के दिन अटैक से संसद की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हुये थे। इस मामले में अब कार्रवाई शुरू हो गई है। पकड़े गये आरोपियों से भी सुरक्षा एजेंसियां कड़ी पूछताछ कर रही हैं।
जो लोग सस्पेंड किये गये हैं इनमें रामपाल, अरविंद, वीर दास, गणेश, अनिल, प्रदीप, विमित, नरेंद्र शामिल हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को पार्लियामेंट के अंदर स्मोक बम से हमला किया गया था। स्मोक बम से हमले के बाद पूरे सदन में पीले रंग का धुआं फैल गया था।
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UAPA के तहत केस दर्ज
संसद पर अटैक करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि एक को हिरासत में लिया गया है, बाकि एक की तलाश जारी है। सभी आरोपियों के खिलाफ UAPA के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
राजनाथ सिंह बोले-पास देने में सावधानी बरतें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूरे मामले में कहा है कि हम सभी सांसदों को सिर्फ सत्ता पक्ष ही नहीं, बल्कि सभी सांसदों को पास देते वक्त ध्यान रखना चाहिए। ऐसी घटना पुराने संसद में भी हुआ करती थीं। संसद के अंदर ऐसी आरजकता का कोई स्थान नहीं है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद की सुरक्षा की जिम्मेदारी लोकसभा सचिवालय की होती है। आज फिर हम सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। सरकार कभी भी संसद सचिवालय के काम में हस्तक्षेप नहीं करती।

आरोपियों से देर रात तक पूछताछ
संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले सभी छह आरोपी अलग-अलग शहरों से हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर, मनोरंजन, नीलम, अमोल और विशाल के रूप में हुई है। वहीं, ललित झा नामक छठा आरोपी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सागर और मनोरंजन डी को लोकसभा के अंदर से पकड़ा गया जबकि अमोल और नीलम की गिरफ्तारी संसद भवन के बाहर से की गई। वहीं, पांचवें आरोपी विशाल को गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सभी आरोपियों से देर रात तक पूछताछ की।
यह केस लगाया गया
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ IPC की धाराएं 120-बी (आपराधिक साजिश), 452 (अतिक्रमण), धारा 153 (केवल दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना), 186 (सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में लोक सेवक को बाधा पहुंचाना), 353 (हमला या आपराधिक बल) और UAPA की धारएं 16 और 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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