ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ को अब चीन मामलों का विशेष प्रतिनिधि बनाया गया है।
फिर इसके साथ ही सूत्रों के मुताबिक़, ये नियुक्ति राष्ट्रपति के प्रस्ताव और सुप्रीम लीडर की सहमति के बाद ही हुई है।
फिर इससे पहले ग़ालिबाफ़ ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का मुख्य नेतृत्व भी किया था।
फिर ईरान के सैन्य और सुरक्षा संस्थानों की बेहद क़रीबी भी मानी जाती है।सूत्रों के हवाले से ये भी मालूम पड़ा।
ग़ालिबाफ़ चीन के संबंध में ईरान के विभिन्न क्षेत्रों के कोऑर्डिनेटर होंगे और चीन मामलों को लेकर उनके पास पिछले प्रतिनिधियों से अलग अधिकार भी होंगे।
मिली जानकारी के मुताबिक़, इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता के विशेष प्रतिनिधि के रूप में अली लारिजानी और चीन मामलों में राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में अब्दुलरज़ा रहमानी फ़ज़ली पर काम भी कर चुके हैं।
और फिर ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों में 17 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी की मौत भी हो गई थी।
और फिर चीन ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है। और दोनों देशों ने 25 साल की साझा सहयोग योजना पर मुख्य हस्ताक्षर भी किए हैं।
और फिर पिछले साल, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अब्दुलरज़ा रहमानी फ़ज़ली को ही बीजिंग में ईरान के राजदूत, राष्ट्रपति के ही विशेष प्रतिनिधि और इस्लामी गणराज्य के पूर्णाधिकार प्राप्त प्रतिनिधि के रूप में मुख्य नियुक्त भी किया गया था।