भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने न केवल इंसानों, बल्कि बेजुबान पशुओं को भी पूरी तरह से बेहाल कर दिया है।
फिर बढ़ते तापमान के बीच ‘गायों’ को लू और डिहाइड्रेशन से बचाना जरूरी है। लू की थपेड़ों और तपिश से गाय डिहाइड्रेशन का शिकार भी हो रही हैं।
फिर तापमान में वृद्धि से सड़क पर बेसहारा घूम रही गायों की सेहत खराब हो रही है। और गर्म हवाओं से गाय के शरीर में पानी की कमी हो रही है।
फिर उनमें डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ गई। लेकिन पशु विशेषज्ञों ने इस मौसम में गायों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।
गायों को गर्मी से बचाने के लिए चारे के साथ ही ऐसे फल देनें को भी कह रहे हैं जिनमें पानी अधिक होता है।
और उनको कच्चे मकानों में रखने, कूलर लगाने,गर्म हवाओं को रोकने के लिए उनके रहने के स्थानों पर खस की चटाइयां लगाने, पानी से भिगोकर जूट के बोरे डालने का परामर्श भी दे रहे हैं।
और गायों के शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए भोजन में उनको खीरा, ककड़ी,तरबूज, खरबूजा भी दें।
ताकि गाय सुस्त होती है, भोजन नहीं करती है तो पशु चिकित्सक की सहायता लें। और पानी की कमी पूरा करने के लिए उनको इलेक्ट्रोलाइट पाउडर भी दें।
और फिर धूप में गायों को घर से बाहर न छोड़ें। गायों सहित अन्य जीवों के लिए जगह-जगह पानी की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। फिर इसके लिए टब में पानी भरकर रखा भी जा सकता है।