न्यूज़लिंक हिंदी। पंकज त्रिपाठी की मच अवेटेड फिल्म ‘मैं अटल हूं’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया है। मेकर्स ने 19 दिसंबर को टीजर रिलीज किया था, और अब ट्रेलर रिलीज किया है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लुक और अंदाज में पंकज त्रिपाठी छा गए हैं। टीजर देखने के बाद से ही फैंस बेसब्र हुए जा रहे थे और अब ट्रेलर ने इस एक्साइटमेंट को और बढ़ा दिया है।
The best moment for me in this trailer is watching #PankajTripathi in RSS Ganavesh 🙏. The trailer looks quite intriguing & causes a flow of emotions within us..#MainAtalHoonTrailer pic.twitter.com/9fIGgfDTUd
— Sanatan Joddha (@SanatanJoddha) December 20, 2023
ट्रेलर लॉन्च के दौरान पंकज ने कहा कि उनके लिए अटल बिहारी वाजपेयी के किरदार को निभाना आसान काम नहीं था। क्योंकि वे अटल जी का रोल निभाते वक्त मिमिक्री नहीं करना चाहते थे और उनके व्यक्तित्व की नकल नहीं करना चाहते थे। पंकज ने बताया कि निर्माता संदीप सिंह ने आईपैड में वीएफएक्स के जरिए उनकी ही एक तस्वीर दिखाई थी जिसमें वो अटल जी जैसे लग रहे थे।
अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर काफी कुछ पढ़ चुके थे पंकज
पंकज त्रिपाठी ने बताया कि अपनी ही तस्वीर को देखकर वो चौंक गए थे और फिर मजाक में कहा कि जैसे ही उन्हें चेक दिया गया, उन्होंने फिल्म की शूटिंग की तैयारी शुरू कर दी थी। इस रोल के लिए उन्होंने अटल जी से जुड़ी तमाम मौजूद साहित्य और कविताएं पढ़ीं और सभी भाषणों के वीडियोज भी देखे। पहले से ही उन्होंने अटल जी के बारे में काफी कुछ पढ़ रखा था लेकिन फिल्म के लिए उन्होंने और भी चीजें पढ़ीं और देखीं ताकि वे उनके व्यक्तित्व और जीवन को और बेहतर ढंग से समझ सकें।
Pankaj Tripathi star in the trailer for ‘MAIN ATAL HOON’.#MainATALHoon in cinemas January 19, 2024.#PankajTripathi #MainAtalHoonTrailer pic.twitter.com/FukhUWWliW
— justSP 🍿 ☉ (@SakshamPateria) December 20, 2023
‘कभी नहीं सोचा था कि जिस नेता को…’
पंकज त्रिपाठी ने दावा कि उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के किरदार को अच्छे ढंग से पेश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालांकि हो सकता है कि फिल्म देखने के बाद लोग ये शिकायत करें कि फिल्म में अटल जी के कुछ पहलुओं को नहीं दिखाया गया है, लेकिन 2 घंटे की फिल्म में सबकुछ दिखाना मुमकिन नहीं है। एक्टर ने ये भी कहा कि उनकी जिंदगी में अटल बिहारी बाजपेयी एकमात्र ऐसे नेता रहे हैं जिनके भाषणों के सुनने के लिए वो दो बार पटना के गांधी मैदान में गए थे।
उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जिस नेता को सुनने के लिए वो पटना के गांधी मैदान जाया करते थे, एक दिन बड़े पर्दे पर उन्हीं का रोल निभाने का मौका और सौभाग्य और मिलेग।

