Chhattisgarh: फर्जी डॉक्यूमेंट पर आया कोर्ट का फैसला, 11 शिक्षक कर्मियों को 3- 3 साल की सजा

फर्जी डॉक्यूमेंट के सहारे नौकरी प्राप्त करने वाले 11 शिक्षा कर्मियों को 3 साल का कठोर कारावास के साथ 1 हजार के अथँ दंड से दंडित किया गया।

0
231

न्यूज़लिंक हिंदी, छत्तीसगढ़। फर्जी डॉक्यूमेंट के सहारे नौकरी प्राप्त करने वाले 11 शिक्षा कर्मियों को 3 साल का कठोर कारावास के साथ 1 हजार के अथँ दंड से दंडित किया गया। मैनपुर जनपद 2008-9 में शिक्षक कमीँ भर्ती में बी.एड.एवं डी.एड के फर्जी प्रमाण पत्र के द्वारा नौकरी प्राप्त करने वाले को ये सजा सुनाई गई।

प्रार्थी कृष्ण कुमार के द्वारा 2008-9 में शिक्षाकर्मी चयन के दौरान हुए कुछ शिक्षा कर्मियों को फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे भर्ती के होना बतलाते हुए मैनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

बता दे कि मैनपुर थाने से मामला गरियाबंद जिला एवं अपर सत्र न्यायालय पहुंचा, तो कोर्ट ने जांच में शिकायत सही पाई। इस दौरान पूरे मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी आरोप लगे। जिसके बाद कोर्ट ने 11 शिक्षाकर्मियों को 3-3 साल की कड़ी सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 1 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

जानकारी अनुसार, सजा प्राप्त करने वाले शिक्षाकर्मी निम्न अनुसार हैं अरविंद सिन्हा, संजय शर्मा, शंकर लाल साहू, भेगेश्वरी साहू, देवनारायण साहू, दौलत राम साहू, ममता सिन्हा, हेमलाल यादव, पीतांबर राम साहू, शिवकुमार साहू, योगेंद्र कुमार सिन्हा,को आज तीन वर्ष का कठोर कारावास व 1000 के दंड से दंडित किया गया

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here