कर्नाटक में कृष्णा नदी से मिली 1,000 साल पुरानी हुबहू रामलला की तरह भगवान विष्णु की प्राचीन मूर्ति, शिवलिंग

तेलंगाना और कर्नाटक राज्यों की सीमा के पास कृष्णा नदी के किनारे से सदियों पुरानी भगवान विष्णु की मूर्ति और एक शिवलिंग मिले हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये मूर्तियाँ लगभग 1,000 साल पुरानी बताई जा रही हैं। 

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न्यूज़लिंक हिंदी। तेलंगाना और कर्नाटक राज्यों की सीमा के पास कृष्णा नदी के किनारे से सदियों पुरानी भगवान विष्णु की मूर्ति और एक शिवलिंग मिले हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये मूर्तियाँ लगभग 1,000 साल पुरानी बताई जा रही हैं।

अधिकारियों ने बुधवार (7 फरवरी) को कहा कि कर्नाटक के रायचूर जिले के एक गांव में कृष्णा नदी से हाल में भगवान विष्णु की एक प्राचीन मूर्ति मिली है। इस प्रतिमा में भगवान विष्णु के 10 अवतार को चारों ओर तराशा गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह मूर्ति इसलिए खास है कि इस मूर्ति की विशेषताएं अयोध्या में नवनिर्मित श्री राम मंदिर में हाल ही में प्रतिष्ठित बाल स्वरूप ‘रामलला’ की मूर्ति से मिलती जुलती हैं। विष्णु की मूर्ति खड़ी स्थिति में है, जिसके चारों ओर एक आभामंडल है, जो 10 अवतारों को दर्शाता है।

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पुरातत्व विशेषज्ञ ने बताई मूर्ति की कहानी
रायचूर विश्वविद्यालय में प्राचीन इतिहास और पुरातत्व के व्याख्याता डॉ. पद्मजा देसाई ने विष्णु की मूर्ति के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने कहा है कि यह मूर्ति किसी मंदिर के गर्भगृह की नहीं होगी। उन्होंने संभावना जताई है कि किसी मंदिर को तोड़ने के बाद इस मूर्ति और प्राचीन शिवलिंग को नदी में फेंका गया होगा।

11वीं सदी की हो सकती है मूर्ति
ऐसा माना जाता है कि नदी से मिली ये मूर्ति और शिवलिंग कम से कम 1,000 वर्ष पुराने हो सकते हैं। पुरातत्वविदों का मानना ​​है कि यह मूर्ति 11वीं या 12वीं शताब्दी की है। विष्णु की मूर्ति और शिवलिंग अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के कब्जे में हैं। इसकी उम्र के बारे में पता लगाने के लिए जांच हो रही है।

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अयोध्या में रामलला की मूर्ति बनाने वाले योगीराज अरुण ने बताया था कि प्रतिमा को बनाने के लिए उन्होंने 7 महीने तक खुद को दुनिया से अलग कर लिया था। लगातार वह भगवान राम के बाल स्वरूप के बारे में सोचते थे। उनके मन में जो प्रेरणा आती थीं, उसके मुताबिक मूर्ति को तराशते थे। उनकी बनाई भगवान राम की प्रतिमा की लोगों ने खूब सराहना की है। अब वैसी ही सदियों प्राचीन मूर्ति मिलने से लोग इसे चमत्कार के तौर पर देख रहे हैं।

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