Pakistan Election: आम चुनाव मतदान में मोबाइल सेवाएं बंद, 6,50,000 सुरक्षाकर्मी किए गए तैनात

पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए लगभग 6,50,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस चुनाव में 12.85 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता मतदान करेंगे।

0
313

न्यूज़लिंक हिंदी, डेस्क। आम चुनाव के लिए गुरुवार यानी आज पाकिस्तान में मतदान हो रहा है। बता दे कि मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक जारी रहेगा। हालांकि ऐसा दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे पूर्व पीएम नवाज शरीफ को सेना का समर्थन मिला हुआ है। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अभी भी जेल में हैं। ऐसे में शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है।

इससे पहले आम चुनाव से एक दिन पहले ही बुधवार को आतंकी हमले हुए। बलूचिस्तान प्रांत में चुनाव कार्यालयों को निशाना बनाकर किए गए दो बम विस्फोटों में कम से कम 30 लोग मारे गए और 40 से अधिक घायल हो गए।

पाकिस्तान में मोबाइल सेवाएं को बंद कर दी गईं हैं। देश के आंतरिक मंत्रालय ने बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर देशभर में मोबाइल सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

6,50,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए
पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने चुनाव कराने के लिए पिछले साल दिसंबर में एक कार्यक्रम जारी किया था और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बावजूद चुनाव प्रक्रिया को बरकरार रखा था। पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए लगभग 6,50,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस चुनाव में 12.85 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता मतदान करेंगे।

नवाज शरीफ के पाकिस्तानी सेना के साथ संबंध बेहतर हो गए
रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा ने कहा कि इन चुनावों के नतीजे पहले से तय होते हैं। प्रधानमंत्री कौन होगा से लेकर प्रत्येक पार्टी कितनी सीटें जीतेगी। यदि आप देख रहे हैं कि दो मुख्य उम्मीदवार हैं- पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और बिलावल भुट्टो। एक तरफ नवाज शरीफ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अगर वह गठबंधन में सरकार बनाते हैं, तो वह अपनी बेटी मरियम को आगे बढ़ा सकते हैं।

ये भी पढ़ें : Chhattisgarh: हिंदू संगम कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों में खूनी झड़प, दो युवक घायल, पुलिस बल तैनात

नवाज शरीफ के पाकिस्तानी सेना के साथ संबंध बेहतर हो गए हैं, उनका परिवार वापस आ गया है। उनके अपराधों को माफ कर दिया गया है। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में लगातार से हिंसा हो रही है। भले ही सेना इन चुनावों का प्रबंधन करती हो, सरकार चला रही हो, लेकिन देश में गंभीर आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए यह बहुत मुश्किल काम होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here