न्यूज़लिंक हिंदी। दोहरे हत्याकांड से उत्तरप्रदेश के अमरोहा में सनसनी फैल गई। नगर कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला कटरा गुलाम अली में रहने वाले सर्राफ़ योगेश चंद्र के परिवार में इकलौता बेटा इशांक अग्रवाल हैं। उन्होंने अपने साले की बेटी श्रृष्टि अग्रवाल को गोद लिया था। सराफ योगेश चंद अग्रवाल (67) और उनकी बेटी सृष्टि (27) की हत्या कर दी गई। दोनों पिता-पुत्री के शव घर के कमरे में फर्श पर लहूलुहान हालत में पड़े मिले। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की।
योगेश चंद्र सराफ़ा बाजार में दुकान चलाते थे। कोरोना काल में पत्नी की मौत हो चुकी है। बेटे की शादी होने के बाद वह पत्नी के साथ दिल्ली में कारोबार करने लगा था। इशांक व उसकी पत्नी सप्ताह में एक बार ही घर आते थे। यहां केवल योगेश चंद्र व उनकी दत्तक पुत्री श्रृष्टि अग्रवाल रहते थे। उनका घर चारों तरफ से बंद है तथा भूतल पर योगेश चंद्र तो प्रथम तल पर बेटे का आवास है। दोनों के रास्ते अलग-अलग हैं।
बताते हैं कि योगेश चंद्र के घर एक महिला खाना बनाने आती थी। घर के भीतर सेफ- अलमारी में रखा सामान बिखरा मिला। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने साक्ष्य जुटाए। डीआईजी और एसपी ने घटनास्थल का मुआयना किया। वारदात के समय कारोबारी का बेटा और बहू अपने बच्चे साथ घर के दूसरे हिस्से में सो रहे थे।
उनका बेटा और बहू घर के दूसरे हिस्से में सो रहे थे। रात में किसी समय योगेश चंद अग्रवाल और उनकी बेटी सृष्टि की हत्या कर दी गई। दोनों के शव घर में फर्श पर पड़े मिले। दोनों के कपड़ों से खून लगा हुआ था। हत्यारोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद पिता-पुत्री के चेहरे पर कपड़ा ढक दिया।
शनिवार की सुबह करीब छह बजे सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल के साथी राजनिकेतन, सतीश अरोड़ा, अतुल गुप्ता और विनीत चावला उनकी घर की छत पर टेबल टेनिस खेलने पहुंचे तभी घटना की जानकारी हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।
एसपी कुंवर अनुपम सिंह समेत आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। हत्या क्यों और किस लिए की गई ये अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। फिलहाल एसओजी, सर्विलेंस समेत पांच टीमें हकीकत का पता लगाने में जुटी हैं।

