न्यूज़लिंक हिंदी। मुख्यमंत्री योगी और विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना के आग्रह पर रविवार को समाजवादी पार्टी को छोडकर सभी दलों के विधायक और योगी सरकार के विधायक, मंत्री प्रभु श्रीराम लला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे। इस अवसर पर परिवहन निगम की लग्जरी बसों में सवार सभी विधायकों ने इस पुण्य कार्य के लिए सीएम योगी का आभार जताया।

सत्ता पक्ष के साथ साथ विपक्षी दलों के विधायक भी पूरी तरह राम धुन में मगन दिखाई दिए। सीएम के साथ सभी ने मंदिर में दर्शन किए। पूजा-अर्चना की। अयोध्या पहुंचने पर जगह-जगह फूल बरसाकर मंत्री-विधायकों का स्वागत किया गया। रविवार होने के चलते अयोध्या में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ है। इस वजह से विधायकों का हनुमानगढ़ी में दर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है।
#WATCH अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों और उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के साथ राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए। pic.twitter.com/S52uMmcU0D
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 11, 2024
उल्लेखनीय है कि अयोध्या दर्शन करने पहुंचे विधायकों में बीजेपी के सहयोगी दलों के साथ साथ आरएलडी, बसपा और कांग्रेस के भी विधायक शामिल हुए। जिन बसों से विधायकों को अयोध्या ले जाया गया, उन बसों के अंदर रामधुन भी बजाई गई। तमाम तरह के फूल लगाए गए हैं। खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा मंत्रियों और विधायकों को मेमोरी के लिए एक बैग दिया जा रहा है, जिसमें एक डायरी, एक कैलेंडर और पेन इत्यादि रखा हुआ है।

ऐतिहासिक और कभी न भूलने वाला क्षण
इस अवसर पर बीजेपी और घटक दलों के विधायकों ने कहा कि यह 500 वर्षों बाद बड़ा पुनीत कार्य हुआ है। हम सबने सपना देखा था की एक दिन प्रभु श्रीराम का मंदिर बनेगा और आज न सिर्फ मंदिर बन गया है, बल्कि दर्शन का अवसर भी मिल रहा है।
मैं बहुत भावुक हूं- सतीश महाना
दर्शन करने के बाद यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा, “मैं बहुत भावुक हूं क्योंकि मैं जब इस स्थान पर आया था तो यहां एक ढ़ांचा खड़ा था, जो 6 दिसंबर को हमारे सामने टूटा था। मैं उस समय यहां पर आया था जब 1990 में यहां गोली चली थी। मैं उस समय यहां पर आया था जिस समय चबूतरे का निर्माण हुआ था और आज सबसे सौभाग्य की बात है कि भगवान के प्रत्यक्ष रूप से दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।”
#WATCH अयोध्या: उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा, "मैं बहुत भावुक हूं क्योंकि मैं जब इस स्थान पर आया था तो यहां एक ढ़ांचा खड़ा था, जो 6 दिसंबर को हमारे सामने टूटा था। मैं उस समय यहां पर आया था जब 1990 में यहां गोली चली थी। मैं उस समय यहां पर आया था जिस समय चबूतरे… pic.twitter.com/7TIkewxu4B
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मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा, “विपक्ष में सभी तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले लोग हैं, चाहे कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी हो। समाजवादी पार्टी को विरासत में इनके पुरखों ने सनातन धर्म का विरोध दिया है। जिन्होंने राम भक्तों पर गोली चलवाने का काम किया है वो किस मुंह से यहां आएंगे, इसलिए उन्होंने(सपा) विरोध किया।”

