न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तर प्रदेश के लापरवाह चिकित्सकों पर गिरी गाज, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फरीदपुर, बरेली में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. सना शाहिद को लगातार अनुपस्थित रहने के चलते किया बर्खास्त।
एक माह का नोटिस देकर बर्खास्त किए जाने के निर्देश प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं। अधिकृत सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में लापरवाह चिकित्सकों पर कार्रवाई भी की जा रही है। लापरवाही करने वाले चिकित्सकों की वेतन वृद्धियां भी रोकी गई हैं।
महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय, ज्ञानपुर, भदोही में तैनात डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला पर ये भी आरोप लगा कि उनकी लापरवाही से भर्ती मरीज डॉ. कुसुम की मृत्यु भी हो गई थी। प्रकरण की जांच हुई और डॉ. शुक्ला द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने तथा ससमय हायर सेंटर रेफर न करने का तथ्य सामने आने पर तीन वेतन वृद्धियां स्थायी रूप से रोकते हुए परिनिंदा का पूर्ण रूप से दंड दिया गया है।
वहीं, जिला क्षय रोग अधिकारी, भदोही डॉ. विवेक प्रकाश श्रीवास्तव द्वारा एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी, सीएचसी डीघ, भदोही के पद पर रहते हुए उच्चादेशों की अवहेलना करते हुए व्यंगात्मक, अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने संबंधी वायरल वीडियो के वायरल होने के बावजूद , जांचोपरांत दोषी पाए जाने पर एवं महाराजा सुहेलदेव स्वशाशी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अस्थि रोग विभाग के आचार्य डॉ. आरके वर्मा को अपने निजी आवास पर मरीजों को देखने व प्राइवेट प्रैक्टिस करने पर तीन-तीन वेतनवृद्धियां स्थायी रूप से रोकते हुए परिनिंदा का भी पूर्ण दंड दिया गया है।
उप मुख्य चिकित्साधिकारी, मेरठ डॉ. सुधीर कुमार द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रोहटा में तैनाती अवधि में कर्मचारियों के ऐरियर व देयकों के भुगतान में वित्तीय अनियमितता किए जाने पर दो वेतनवृद्धियां दो वर्षों के लिए रोकते हुए परिनिंदा का पूर्ण दंड दिया गया है। तीन चिकित्साधिकारियों के विरुद्ध बिना सूचना अनुपस्थित रहने, चिकित्सकीय कार्यों में रुचि न लेने, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अव्हेलना करने के तहत कार्रवाई करते हुए, मंडलीय अपर निदेशकों को ऊपर जांच अधिकारी भी बनाया गया है।

