सकल माल एवं सेवा कर संग्रह में ही अप्रैल में 8.7 प्रतिशत बढ़कर करीब 2.43 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर भी पहुंच गया।
और फिर शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी भी मिली। और फिर इससे पहले अप्रैल 2025 में सर्वाधिक संग्रह 2.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक भी दर्ज किया गया था।
इसके साथ ही घरेलू बिक्री एवं खरीद से प्राप्त सकल राजस्व 4.3 प्रतिशत बढ़कर 1.85 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
और फिर जबकि आयात से जीएसटी संग्रह 25.8 प्रतिशत की तेज वृद्धि के साथ 57,580 करोड़ रुपये पर पहुंच भी गया।
और फिर अप्रैल में ‘रिफंड’ जारी करने की राशि 19.3 प्रतिशत बढ़कर 31,793 करोड़ रुपये भी रही।
इसके साथ ही रिफंड समायोजित करने के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह 7.3 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.11 लाख करोड़ रुपये ही रहा।