नीट यूजी री-एग्जाम में कुछ ही दिन ही अब बचे हैं और चूंकि सोशल मीडिया पर तरह-तरह के फर्जी पेपर वायरल हो रहे हैं।
फिर ऐसे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने छात्रों और आम जनता की सुविधा के लिए एक पोर्टल भी लॉन्च किया है।
फिर जहां वो परीक्षा से संबंधित संदिग्ध गतिविधियों, फर्जी पेपर लीक के दावों और क्लोनिंग के प्रयासों की रिपोर्ट भी कर सकते हैं।
और फिर यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अधिकारी 21 जून को होने वाले री-एग्जाम की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के प्रयास में भी लगे हुए हैं।
और फिर यह परीक्षा पहली बार हुई नीट यूजी परीक्षा के रद्द होने के बाद ही आयोजित की जा रही है। 3 मई को कई राज्यों में पेपर लीक होने के विवाद के ही चलते परीक्षा को रद्द कर दिया गया था।
फिर इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से उम्मीदवार संदिग्ध वेबसाइट्स, सोशल मीडिया पोस्ट और परीक्षा मैटेरियल तक पहुंच के बारे में फर्जी दावे करने वाले व्यक्तियों की जानकारी भी दे सकते हैं।
और फिर एनटीए ने उम्मीदवारों को गलत सूचनाओं, फर्जी प्रश्न पत्र और पैसे के बदले रिजल्ट की गारंटी देने का दावा करने वाले व्यक्तियों के झांसे में न आने की चेतावनी भी दी है।
और फिर एनटीए ने कहा, अफवाहों को ही अपने नीट यूजी 2026 के सफर को तय न करने दें, परीक्षा से पहले ही किसी के पास भी प्रश्न पत्र तक पहुंच नहीं है।
फिर ऐसी वेबसाइट्स या सोशल मीडिया अकाउंट जो NEET UG 2026 के प्रश्न पत्रों या आंसर-की तक पहुंच का मुख्य दावा करते हैं।
वो व्यक्ति जो गोपनीय परीक्षा मैटेरियल तक पहुंच का दावा करते हैं या लीक हुए प्रश्नपत्र उपलब्ध भी कराते हैं।
और फिर एनटीए अधिकारियों, सरकारी प्रतिनिधियों या परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों के क्लोनिंग करने से जुड़े मामले भी दर्ज़ कर सकते हैं।
इसके अलावा नीट यूजी री-एग्जाम 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित भी की जाएगी।
और फिर 3 मई को रद्द हुई परीक्षा के लिए रजिस्टर्ड 22 लाख से अधिक उम्मीदवार ही इस पुनर्परीक्षा में शामिल भी हो सकते हैं।
जो फिर पिछले महीने हुए पेपर लीक मामले के बाद ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत आयोजित भी की जा रही है।