गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही मकड़ीखेड़ा और 25 मोहल्लों में 12 दिन से जलभराव है। फिर इसके चलते फैली गंदगी और मच्छर अब लोगों के लिए मुसीबत बन गए है।
और फिर परमियापुरवा नाला पहले ही सिंचाई विभाग ने गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बंद कर दिया है।
और इसके चलते अटल घाट के पीछे खाली मैदान में पानी भर रहा है। फिर सिंहपुर-मैनावती मार्ग में पानी भरने के कारण बच्चों को स्कूल जाने के लिए जूझना पड़ रहा है।
और मकड़ीखेड़ा, मैनावती से सिंहपुर, नवाबगंज, आजाद नगर, गुप्ता कालोनी, ख्योरा समेत 25 बस्तियों में रहने वाले एक लाख लोगों का जीना बेहद ही मुश्किल हो गया है।
नगर निगम लगातार पंप चला रहा है, लेकिन परिमयापुरवा नाला का गेट बंद होने के कारण दिक्कत भी आ रही है।
फिर इतना ही नहीं अटल घाट के आसपास खाली जगह पर पानी डाला जा रहा है ताकि बस्ती से निकल जाए।
और क्षेत्र के आरके बाजपेई ने बताया कि मच्छरों का भी आतंक भी बढ़ गया है। राधा सिंह ने कहा कि सफाई नहीं होने से गंदगी एकत्र है और बदबू के कारण सांस लेना मुश्किल भी हो गया है।
फिर नगर निगम के अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने बताया कि पंप चलाए जा रहे हैं, नाले का गेट बंद होने से दिक्कत भी हो रही है।