UP News : आशा कार्यकर्ताओं ने जारी किया प्रदर्शन, जानें कितना मानदेय बढ़ाने की करी मांग

0
25

उत्तर प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं और संगिनी फैसिलिटेटरों ने अब अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को 10 सूत्रीय ज्ञापन भेजा है।

और ऑल आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति संगठन की ओर से ही सौंपे गए मांग पत्र में आशा कार्यकर्ताओं और संगिनी फैसिलिटेटर बहनों को ही राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय बढ़ाने के साथ कार्यस्थल पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मुख्य मांग की गई है।

साथ ही संगठन का कहना है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने में आशा कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही हैं।

फिर इसके बावजूद उनकी समस्याओं का अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। संगठन ने सरकार से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील भी की है।

और राज्य कर्मचारी का दर्जा: प्रदेश की सभी आशा कार्यकर्ताओं और संगिनी फैसिलिटेटर बहनों को राज्य कर्मचारी घोषित कर नियमित सेवा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध भी कराई जाएं।

फिर आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर ₹21,000 प्रतिमाह तत्काल लागू भी किया जाए।

फिर संगिनी फैसिलिटेटर का मानदेय: संगिनी फैसिलिटेटर बहनों का मानदेय ₹26,000 प्रतिमाह भी किया जाए।

और कैशलेस चिकित्सा सुविधा आशा और संगिनी फैसिलिटेटर कार्यकर्ताओं के साथ उनके परिवार के लिए भी कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध भी कराई जाए।

फिर लंबित भुगतान का समयबद्ध निस्तारण: बकाया मानदेय, प्रोत्साहन राशि और अन्य लंबित भुगतानों का समय से निस्तारण सुनिश्चित भी किया जाए।

साथ ही सुरक्षा और कल्याणकारी लाभ: कार्य की प्रकृति और जिम्मेदारियों को देखते हुए आवश्यक कार्य-सुविधाओं के साथ सुरक्षा और सामाजिक कल्याण संबंधी लाभ उपलब्ध कराए जाएं।

और आवास और शौचालय की सुविधा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ठहरने के लिए आवास और शौचालय की व्यवस्था की जाए।

फिर संगिनी फैसिलिटेटरों का कार्यक्षेत्र बड़ा होने का हवाला देते हुए उन्हें इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

और आशा संगिनी फैसिलिटेटरों को 5G मोबाइल उपलब्ध कराने के साथ ₹250 के मौजूदा डाटा प्रावधान के स्थान पर अनलिमिटेड डाटा देने की मांग की गई है।

फिर इतना ही नहीं संगठन का कहना है कि संगिनी फैसिलिटेटर 30 दिन काम करती हैं, लेकिन उन्हें भुगतान 24 दिनों का किया जाता है। ऐसे में महंगाई को देखते हुए पूरे 30 दिनों का भुगतान किए जाने की मांग भी की गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here