बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की अवामी लीग पार्टी ने 30 नवंबर तक देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का पूर्ण रूप से आह्वान कर दिया है।
और फिर 17 नवंबर को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री 78 साल की शेख़ हसीना और तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां ख़ान कमाल को मृत्युदंड की सज़ा भी सुनाई थी।
इसके साथ ही अवामी लीग ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि ट्रिब्यूनल का फ़ैसला मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की एक राजनीतिक ‘साज़िश’ का हिस्सा भी था।
ताकि हसीना और उनकी पार्टी को अगले साल फ़रवरी में होने वाले आम चुनावों से ‘बाहर’ भी रखा जा सके।
और फिर पार्टी ने ट्रिब्यूनल को ‘अवैध’ बताते हुए उसके फ़ैसले को ख़ारिज भी किया है और मोहम्मद यूनुस के इस्तीफ़े की मांग भी की है।
और फिर अवामी लीग ने यूनुस और उनके सहयोगियों पर ‘मुक्ति विरोधी’ और ‘राष्ट्र विरोध’ में संलिप्त होने का मुख्य आरोप भी लगाया है।

