री-एग्जाम 2026 के दौरान ही लखीसराय में सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की पूर्ण आशंका पर जिला प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 मुन्नाभाई सहित 30 लोगों को गिरफ्तार किया है।
और फिर परीक्षा के दौरान ही विभिन्न केंद्रों पर जांच के क्रम में इन संदिग्धों को पकड़ा भी गया।
साथ ही प्रारंभिक जांच में दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर ही परीक्षा देने की बात भी सामने आई है।
फिर सूत्रों के अनुसार, केआरके उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र से एक, केंद्रीय विद्यालय से सात तथा हसनपुर विद्यालय परीक्षा केंद्र से एक संदिग्ध को हिरासत में भी लिया गया।
और फिर गिरफ्तार सभी युवक दूसरे जिलों के निवासी भी बताए जा रहे हैं। और फिर मामले की गंभीरता को देखते हुए ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
इसके अलावा एसडीएम प्रभाकर कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार के नेतृत्व में ही सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ भी की जा रही है।
और फिर पूछताछ के दौरान ही मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर ही पुलिस की विशेष टीम की संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी भी कर रही है।
और फिर आशंका ये भी जताई जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
और फिर पूरे मामले की निगरानी जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार स्वयं ही कर रहे हैं।
फिर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क कितने जिलों तक फैला हुआ है और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता शामिल है।
और फिर पेपर लीक होने के बाद नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को हुई। फिर देश के 564 शहरों में परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई।
और फिर परीक्षा केंद्र तक पेपर पहुंचाने की जिम्मेदारी सेना को दी गई थी। फिर एग्जाम सेंटर पर मॉनिटरिंग एआई से करवाई भी की जा रही है। और फिर जैमर भी लगाए गए थे। ताकि कड़ी चेकिंग के बाद भी परीक्षा केंद्र में एंट्री मिली।
और फिर देशभर के अलग-अलग शहरों में बने परीक्षा केंद्रों पर 2 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात भी किया गया था।
फिर लगभग 6,669 ऑब्जर्वर तैनात किए गए थे, वहीं 674 सिटी कोऑर्डिनेटर आज के परीक्षा के लिए भी बनाए गए थे।