Chhibramau : पापा की क़ातिल परी ने ही काट डाला गला,भाई पर भी हथौड़ी से करा हमला,लेकिन उसकी जान बच गई

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न्यूज़लिंक हिंदी। कन्नौज के छिबरामऊ में प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर एक किशोरी ने रिश्तों का ही कत्ल कर दिया। इंटर की छात्रा ने पहले पूरे परिवार को खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। सबके बेहोश हो जाने पर उसने वीडीओ पिता की आरी से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी। दूसरे कमरे में सो रहे भाई पर भी हथौड़ी से हमला किया लेकिन आंख खुलने से उसकी जान बच गई।

पुलिस किशोरी और उसके प्रेमी से पूछताछ कर रही है। छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के करीमुल्लापुर गांव में वीडीओ के पद पर तैनात अजय पाल राजपूत पत्नी मोनी देवी, दो बेटों व 17 वर्षीय बेटी के साथ रहते थे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि सोमवार रात बेटी ने सभी को खाने में पूड़ी सब्जी बनाकर खिलाई। थोड़ी देर बाद सभी को उल्टियां होने लगीं। उसके बाद सभी सोने चले गए। उन्होंने खाने में नशीला गोलियां मिलाए जाने की आशंका जताई।

मृतक के बड़े बेटे सिद्धार्थ ने पुलिस को बताया कि रात करीब 11:30 बजे बहन ने अचानक उस पर भी हथौड़ी से हमला करने की कोशिश की। लेकिन उसकी आंख खुल गई तो बहन के हाथ से हथौड़ी छीन कर फेंक दी। इस बीच किशोरी ने उसके हाथ पर काट लिया। चीख-पुकार सुनकर मां मोनी देवी भी पहुंच गईं। वह दूसरे कमरे में सो रहे पति को बुलाने पहुंचीं तो वे खून से लथपथ बिस्तर पर पड़े थे। वीडीओ को सौ शैय्या अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मुख्य रूप से मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने घर से हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार व हथौड़ी बरामद कर किशोरी व उसके प्रेमी को हिरासत में ले लिया। एसपी अमित कुमार आनंद ने कोतवाली पहुंचकर प्रेमी युगल से पूछताछ की। एसपी ने बताया कि परिजनों ने अभी हत्याकांड की तहरीर नहीं दी है।किशोरी के अनुसार परिजनों को उसके प्रेम संबंधों की भनक लग गई थी। इसे लेकर बड़ा भाई उस पर पाबंदियां लगाता था। इसी के चलते वह सभी को बेहोश करके भाई की ही हत्या करना चाहती थी। बेहोशी की दवा का असर चेक करने के लिए पिता की गर्दन धारदार हथियार से रेतकर टेस्टिंग की, लेकिन अनजाने में घाव गहरा होने से उनकी मौत हो गई।

किशोरी की इस दुस्साहसिक वारदात को सुनकर हर कोई सन्न रह गया। किशोरी ने पूरे परिवार को रात में खाना बनाकर खिलाया था, जिसमें बेहोशी की दवा मिलाई थी। खाना खाने के बाद सभी का जी मिचलाने लगा और सभी को उल्टियां हुईं। उल्टी होने से ही उन्हें खिलाई गई दवा का असर कम हो गया। यही वजह रही कि जब किशोरी ने सिद्धार्थ पर हथौड़ी से हमला किया तो उसकी मोके पर आंख खुल गई। इसके बाद भी किशोरी ने सिद्धार्थ को नाखून से नोचना और दांतों से काटना बंद नहीं किया।

दोनों पुलिस कर्मियों के सामने ऐसे पेश आ रहे थे जैसे उन्होंने कुछ नहीं किया है। पुलिस अभिरक्षा में प्रेमी ने कई घंटे चैन की नींद ली और जब सोकर उठा। कुछ देर बाद आराम से बैठकर केले खाए। वहीं प्रेमिका के भी चेहरे पर ऐसे हावभाव थे, जैसे उसे अपने पिता की हत्या करने का कोई भी पछतावा नहीं है।

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