बिकरू कांड के मुख्य आरोपी गैंग्स्टर विकास दुबे को ही पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
फिर अब उनके मृत्यु प्रमाणपत्र में गड़बड़ी का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। स्थानीय स्तर पर ही सुनवाई नहीं होने पर विकास की पत्नी रिचा दुबे ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
फिर अदालत ने याचिका का संज्ञान लेते हुए स्टैंडिंग काउंसिल से जवाब मांगा है। साथ ही याचिकाकर्ता के पक्ष से भी हलफनामा भी मांगा है।
इस प्रकरण में अब चार अगस्त को सुनवाई होगी। और बिकरू कांड दो जुलाई 2020 की रात बिकरू गांव में हुआ था, जहां गैंग्स्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों की फायरिंग में तत्कालीन सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मी बलिदान भी हो गए थे।
और फिर इस घटना के बाद पुलिस ने विकास दुबे के गुर्गों के खिलाफ अभियान चलाया, जिसमें विकास समेत छह आरोपित मार गिराए गए थे।
विकास ने नौ जुलाई की रात उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में कथित तौर पर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण भी कर दिया था।
इसके अलावा विकास के पोस्टमार्टम के दौरान पर्ची पर पिता का नाम रामकुमार के स्थान पर राजकुमार गलत दर्ज हो गया।
फिर उस समय किसी का ध्यान नहीं गया, जिससे श्मशान घाट की रसीद और मृत्यु प्रमाणपत्र में त्रुटि हुई। और फिर दस्तावेजों में विकास दुबे पुत्र राजकुमार दुबे दर्ज हो गया।
फिर नतीजा मारे जाने के बावजूद विकास दस्तावेजों में अब तक जिंदा है। और विकास की पत्नी रिचा दुबे ने इस गड़बड़ी को सही कराने की भरसक कोशिश की, लेकर यह सही नहीं हो सका।
और फिर रिचा के अधिवक्ता अनुरुद्ध चतुर्वेदी ने ये भी बताया कि जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उनकी मुवक्किल ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।