न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर के श्याम नगर में आलीशान कोठी, लग्जरी गाड़ियों का काफिला और करोड़ों की प्रॉपर्टी का मालिक ये सब कानपुर में रहने वाले एक कांस्टेबल श्याम सुशील मिश्रा के पास है। शिकायत पर जांच हुई तो आरोप सही पाए गए। कांस्टेबल के खिलाफ एंटी करप्शन विंग ने चकेरी थाने में आय से अधिक संपत्ति को लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। कांस्टेबल के पास आय से कई गुना ज्यादा की संपत्ति मिली है।
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बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में आरोपी बर्खास्त सिपाही श्याम सुशील मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कानपुर इकाई ने चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके साथ ही आरोप ये है कि उसने 2007 से 2018 के बीच पुलिस में नौकरी करते हुए 5.10 करोड़ की घोषित आय अर्जित की, जबकि इसी अवधि में उसने करीब 8.21 करोड़ रुपये खर्च किए। ये रुपये संपत्ति आदि में व्यय किए गए। प्रारंभिक जांच में साक्ष्य मिलने के बाद अब पूरी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी गई है।
जांच में पता चला है कि चकेरी में जिस मकान में वह रह रहा है, सिर्फ वही डेढ़ करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। इसके अलावा उन्नाव में बड़ी संख्या में उसने जमीनें खरीदी। हाल में एक पेट्रोल पंप भी खरीदने की बात सामने आई है, जिसमें काली कमाई के निवेश की जांच जारी है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय भी करोड़पति बर्खास्त सिपाही की काली कमाई की जांच शुरू कर सकती है।
प्रापर्टी डीलर व बसपा नेता पिंटू सेंगर का श्याम सुशील मिश्रा करीबी था। सूत्रों के अनुसार पुलिस की जांच में सामने आया था कि दोनों पार्टनरशिप में जमीनें खरीदने-बेचने का काम करते थे। आरोप है कि जब एक संपत्ति को लेकर पिंटू से विवाद हुआ तो उसने हत्या के लिए पप्पू स्मार्ट को 10 लाख रुपये दिए। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। फिलहाल उस मामले में वह जमानत पर बाहर है।

