धनतेरस पर शुक्रवार को ही बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। फिर सुबह से शुरू हुआ खरीदारी का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
और सोने-चांदी के आभूषणों और सिक्कों से लेकर कार, बाइक, मोबाइल, लैपटाप, टीवी, बर्तन, कपड़े और मिठाइयों तक की खूब बिक्री भी हुई।
और बाजारों में उमड़ी भीड़ और ग्राहकों के उत्साह ने कारोबारियों के चेहरों पर मुस्कान भी ला दी।
इसके साथ ही कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव पंकज अरोड़ा ने ये बताया कि शुरुआती आकलन के मुताबिक, धनतेरस पर शहर में 1800 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ।
और फिर सराफा बाजार में रोज के मुकाबले चार गुणा ज्यादा कारोबार हुआ है। फिर इसने पिछले महीनों में सोने-चांदी के दाम चढ़ने से आए संकट की छुट्टी भी कर दी है।
और सोने और चांदी का भाव शुक्रवार को पिछले साल के धनतेरस के लगभग पहुंच गया है। फिर इसका असर शहर के सराफ कारोबार पर साफ दिखा है।
और धनतेरस पर बिरहाना रोड, चौक, नयागंज, लालबंगला से लेकर कल्याणपुर, किदवई नगर और गोविंद नगर के बाजारों में भी महसूस भी हो रहा है।
इसके साथ ही जनरलगंज, कलक्टरगंज, गुमटी, नवीन मार्केट, पीरोड और गोविंदनगर सहित प्रमुख बाजारों में दिनभर ग्राहकों की आवाजाही भी बनी रही।
फिर मनीराम बगिया में भी एक दिन पहले से उमड़ी भीड़ का उत्साह धनतेरस पर बरकरार रहा।
और बर्तन बाजार में स्टील से लेकर पीतल और तांबे के बर्तनों की मांग भी बरकरार रही तो सराफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रोत्साहित भी किया।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश गारमेंट्स मैन्यूफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राजेश आहूजा के मुताबिक, इस बार बाजार में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में बेहतर उत्साह देखने को भी मिला।
और किफायती रेंज से लेकर प्रीमियम कलेक्शन तक की मांग भी बनी रही। फिर मनीराम बगिया, जनरलगंज और अन्य बर्तन बाजारों में स्टील के बर्तनों के साथ पीतल, तांबे और कांसे के बर्तनों की भी खरीदारी भी हुई।
और पूजा के बर्तन, थाली, लोटा, कटोरी और गृहस्थी के सामान की मांग रही। फिर पारंपरिक मिठाइयों के साथ ड्राई फ्रूट्स, चाकलेट और आकर्षक गिफ्ट पैक की मांग भी रही।
और कारोबारियों को उम्मीद है कि धनतेरस के बाद दीपावली तक मिठाई, कपड़े, सजावटी सामान और उपहारों की खरीदारी जारी रहने से त्योहारी कारोबार का आंकड़ा और भी बढ़ेगा।