साइबर अपराधियों ने शराब कारोबारी की ईमेल आइडी को हैक कर उनसे एक करोड़ रुपये ठग लिए।
फिर आरोपितों ने दक्षिण दिल्ली के फर्जी पते पर बैंक खाता भी खुलवाया था। और कारोबारी ने भुगतान से पहले कंपनी के निदेशक से वाट्सएप पर खाता बदलने की पुष्टि भी की थी।
इसके साथ ही निदेशक की ओर से सहमति मिलने के बाद उन्होंने रकम भेजी। और कंपनी के खाते में रुपये नहीं पहुंचने पर ठगी का पता चला। फिर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया है।
इसके साथ ही रतनलाल नगर निवासी आशीष लालवानी ने ये बताया कि उनकी राजस्थान लिकर्स लिमिटेड कंपनी का आफिस तिलक नगर में है।
और केएलए कंस्ट्रक्शन टेक्नोजाजी प्राइवेट लिमिटेड से ही उनकी कई वर्षों से कारोबारी साझेदारी है।
और माल की आपूर्ति और भुगतान की पुष्टि आधिकारिक ईमेल आइडी के जरिये ही होती है। फिर कुछ समय पहले केएलए कंस्ट्रक्शन से माल मंगवाया गया था, जिसका भुगतान भी करना था।
और फिर आठ अक्टूबर को उसी ईमेल पर बकाया भुगतान के लिए संदेश आया। फिर उसमें नई दिल्ली के एक्सिस बैंक खाते का विवरण दिया गया, जबकि पहले ही दूसरे खाते की जानकारी भी मिलती थी।
और आशीष ने कंपनी के निदेशक अनुराग जिंदल को वाट्सएप पर संदेश भेजकर इसकी पुष्टि भी की। फिर जवाब में उन्हें बताया गया कि खाता बदल भी गया है।
इसके अलावा तीन नवंबर को कंपनी के प्रतिनिधि ने फोन कर भुगतान करने को भी कहा।
और आशीष ने आरटीजीएस के माध्यम से ही बताए गए खाते में एक करोड़ रुपये भी भेज दिए।
और बाद में निदेशक से दोबारा पुष्टि करने पर पता चला कि कंपनी के खाते में रकम भी नहीं आई है।
फिर खाता संख्या भेजने पर निदेशक ने उसे अपनी कंपनी का खाता होने से इनकार भी किया। और पुरे मामले में उन्होंने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया।