न्यूज़लिंक हिंदी। उर्सला में मानक विहीन दवा के मामले में अब होगी कार्रवाई ,इस मामले में अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन को नोटिस भेजकर दवा सप्लाई करने वाली कंपनी का ब्योरा मांगा है।
ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल ने बताया कि पत्र लिखकर जवाब तलब भी किया गया है। जानकारी मिलने के बाद आगे की पूर्ण कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है और अस्पताल में सप्लाई पर भी पूर्ण रूप से रोक दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल को ड्रग विभाग की टीम ने उर्सला अस्पताल से 13 दवाओं के सैंपल लिए थे। इसमें हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला स्थित एएनजी लाइफसाइंसेज की एमोक्सिसिलिन एवं पोटेशियम क्लैबुलैनेट इंजेक्शन 600 एमजी और उत्तराखंड के रूद्रपुर स्थित मैक्समेड लाइफसाइंसेज की एमोक्सिसिलिन एवं पोटेशियम क्लैवुलैनेट इंजेक्शन 1.2 ग्राम के नमूने एकत्र कर जांच को लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में मुख्य रूप से भेजा गया।
19 जुलाई को मिली रिपोर्ट में दोनों इंजेक्शनों में पोटेशियम क्लेकुलैनेट साल्ट कंपनी की ओर से किए दावे से काफी कम पाया गया। औषधि निरीक्षक रेखा सचान ने अस्पताल के निदेशक को पत्र लिखकर पूर्ण अवगत भी कराया व इस्तेमाल पर रोक लगा दी। माना जा रहा है कि कंपनी का ब्योरा मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

