कानपुर के गोविंदनगर थाना के करीब दो सौ मीटर दूरी पर रविवार सुबह शातिर नकाबपोश चोरों ने एक मोबाइल शाप का शटर उठाकर से नकदी समेत लाखों कीमत की महंगे मोबाइल पार कर दिए।
और फिर पीड़ित को सुबह दुकान कानपुर मोबाइल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है, उन्हें दुकान पहुंचने पर घटना का पता चला।
फिर इस वारदात में करीब 55- 60 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान भी लगाया जा रहा है। और फिर इस वारदात को महज 43 मिनट के बीच अंजाम दिया गया।
फिर वहीं, वारदात को अंजाम देते पांच आरोपित सीसी फुटेज में कैद हुए हैं। जिसमें सिर्फ एक ही दुकान के अंदर दाखिल हुआ था।
फिर मामले में जांच करने पहुंची पुलिस ने छानबीन की। दावा किया कि घटना का जल्द ही खुलासा होगा। ये भी बता दें कि घटना के पास ही पुलिस पिकेट प्वाइंट है, पर वहां से पुलिस नदारत भी थी।
और फिर गोविंद नगर के 10 ब्लाक निवासी कानपुर मोबाइल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज बलेचा की चावला चौराहे के पास ही कृष्णा कम्युनिकेशन के नाम से मोबाइल शाप है।
और फिर नीरज के अनुसार शनिवार देर शाम वह अपने समय से दुकान बंद कर घर चले गए थे।
जब रविवार सुबह कर्मचारी दुकान पहुंचे, तो उन्हे शटर के ताले टूटे हुए मिले थे। जिसकी उन्होंने जानकारी भी दी।
फिर यहां दुकान के अंदर देखने पर सारा समान अस्त व्यस्त बिखरा पड़ा था। और फिर इस पर उन्होंने चोरी के वारदात की जानकारी पुलिस को दी।
मामला बड़ा होने के कारण घटना स्थल पर डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी समेत गोविंद थाना का पुलिस भी पहुंचा।
फिर फिर पुलिस ने दुकान के बाहर लगे सीसी फुटेज देखे। जिसमे रविवार सुबह 4:56 बजे पर पांच संदिग्ध नकाबपोश दुकान के बाहर खड़े भी दिखे।
इसके साथ ही उन्होंने साथ लाए कंबल को शटर के सामने लगा दिया। फिर इसकी आड़ में उन्होंने दुकान की शटर के ताले तोड़े ।
फिर इसके बाद एक टोपी लगाए आरोपित दुकान के युवक अंदर घुस गया। और फिर वहीं अन्य इधर उधर घूमने लगे।
वहींम, अंदर गए आरोपित ने दुकान में रखें कीमती मोबाइल डब्बे से निकाल कर भरना शुरू किया। फिर वहीं पर 5:47 बजे दुकान के आसपास घूम रहे चार युवक फिर आए।
फिर इसके बाद फिर कंबल लगाकर शटर को उठाकर अंदर गए साथी को बाहर निकाला। इसके बाद वहां से निकल गए।
और फिर पी़डित नीरज के बताया की चोरी हुए मोबाइलों की कीमत 50 लाख रुपए है। फिर इसके अलावा दुकान में नकदी भी थी।
डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी का कहना है कि वारदात सीसी कैमरों में कैद भी हुई है। और फिर आरोपितों की तलाश के लिए टीम बनाई गई है।
फिर वहीं , घटना के आसपास कुछ संदिग्ध वाहनों को भी देखा जा रहा है, जिससे वह आरोपित आए हो।
और फिर बिहार का गिरोह इस तरह की चाेरियां भी करता है, जिसकी जांच भी की जा रही है।