वृद्धावस्था पेंशन योजना में अब बदली व्यवस्था ने बुजुर्गों के लिए समस्या खड़ी कर दी है। फिर नई व्यवस्था के अनुसार अब आधारकार्ड को आयु का आधार नहीं माना जाएगा।
और अब आधारकार्ड के स्थान पर बुजुर्गों को शैक्षणिक प्रमाण पत्र समाज कल्याण विभाग में जमा करने होंगे।
फिर जिनके पास शैक्षणिक प्रमाण पत्र नहीं होंगे, उन्हें कुटुंब रजिस्टर यानी परिवार रजिस्टर की नकल भी देनी होगी।
और अब समस्या इस बात की है कि कहीं परिवार रजिस्टर में नाम अंकित नहीं हैं तो बड़ी संख्या में बुजुर्ग शिक्षित नहीं हैं।
और फिर जिससे शैक्षणिक प्रमाण पत्र का होना भी संभव ही नहीं है। फिर ऐसे में पेंशन की आस में टकटकी लगाए बूढ़ी धमनियां अब विकास भवन की दूसरी मंजिल चढ़कर अपने लिए राहत मांगने को बेहद ही मजबूर हैं।
और फिर आंकड़ों की मानें तक जनपद में तकरीबन बारह हजार बुजुर्गों को एक साल से पेंशन ही नहीं मिली है और अब नियम बदल जाने से यह संकट और भी गंभीर हो गया है।