संभल के बाद कानपुर में भी विलुप्त मंदिरों की खोज शुरू, महापौर ने कर्नलगंज में 125 वर्ष पुराने राधा-माधव मंदिर को खुलवाया

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32 वर्ष से बंद मंदिर का ताला महापौर ने तुड़वाया, कर्नलगंज खटिकाना में मंदिर से गायब मिलीं मूर्तियां

पहले सुनिये महापौर ने क्या कहा

अब पढ़िये पूरी खबर…

महापौर प्रमिला पांडेय ने सोमवार को कर्नलगंज के मिली जुली आबादी क्षेत्र में बने करीब 125 साल पुराने श्री राधा-माधव विराजमान मंदिर को खुलवाया। मंदिर के गेट पर लगा ताला ईंट से तोड़ा गया। इसके बाद महापौर के साथ लोग अंदर पहुंचे और दर्शन किए। मंदिर के अंदर मौजूद सभी मूर्तियां खंडित थीं।

यहां लक्ष्मी-गणेश, विष्णु की मूर्तियों के सिर गायब थे। नंदी बाबा की प्रतिमा गायब थी। इसके अलावा अन्य मूर्तियों को भी क्षतिग्रस्त किया गया था। लोगों ने बताया कि करीब 32 साल बाद इस मंदिर को खोला गया है। 1992 में अयोध्या में बाबरी विध्वंस के बाद संप्रदायिक दंगे हुए। तभी ये मंदिर बंद कर दिया गया था।

महापौर के निरीक्षण में बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

महापौर प्रमिला पांडेय सोमवार को लुधौरा में मंदिरों की हालत देखी। इस दौरान उन्होंने तीन मंदिरों का निरीक्षण किया। सबसे पहले महापौर कर्नलगंज खटिकाना गई। यहां के निवासियों ने बताया कि पूर्व में एक मंदिर होता था जिस पर कब्जा कर इमारत बना दी गई। अवशेष के रूप में एक बड़ा पीपल का पेड़ व उसके चारों ओर चबूतरा आज भी है जो इमारत के अंदर ही बना है। लोगों ने बताया कि पहले मंदिर में पूजा होती थी, लोग शादियां करते थे लेकिन दस साल पहले इसे तोड़कर कब्जा कर लिया गया।

राधा-माधव विराजमान मंदिर का ताला खुलवाया गया।

मंदिर की जगह यहां कपड़े सिलाई की फैक्ट्री चल रही थी, मंदिर की मूर्तियां गायब थी। इसके बाद महापौर बाहर निकलकर एक और मंदिर गई जो ठीक स्थिति में था। फिर वह श्री राधा माधव विराजमान मंदिर पहुंची जिसके गेट पर ताला लगा था। लोगों ने बताया कि यह करीब 32 सालों से बंद है। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में महापौर ने मंदिर का ताला तुड़वाकर और मंदिर खोला। इसके बाद वह सबसे पहले मंदिर के अंदर गई और डंडे से खुद ही जाला हटाने लगी। उनके पीछे क्षेत्रीय लोग भी चले गए।

मंदिर के अंदर मौजूद सभी मूर्तियां खंडित थीं। यहां लक्ष्मी-गणेश, विष्णु की मूर्तियों के सिर गायब थे। नंदी बाबा की प्रतिमा गायब थी। अन्य मूर्तियों भी क्षतिग्रस्त थी। मंदिर के अंदर शिवलिंग की डिजाइन जमीन पर मिली लेकिन शिवलिंग नहीं था।

महापौर ने कहा कि वर्ष 1991 में पूर्व विधायक नीरज चतुर्वेदी के चुनाव प्रचार में इस क्षेत्र में आई थी तब सभी मंदिरों मे पूजा होती थी लेकिन अब दयनीय दशा हो गई है। इन मंदिरों की साफ-सफाई के साथ जीर्णोंद्धार भी कराया जाएगा। नगर निगम इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराएगा। उन्होंने मौजूद पुलिस अधिकारियों से कहा कि मंदिरों से तत्काल कब्जे हटवाए और इनकी साफ-सफाई कराए जिससे लोग पूजा-अर्चना कर सके। मंदिर कब्जा मुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा।

मंदिर में जाकर टेका माथा
मंदिर खुलने के बाद कई महिलाएं अंदर पहुंच गई और पूजा-अर्चना करने लगी। महिलाओं ने माथा भी टेका। मंदिर खुलने से हिंदू लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। कहा कि अब रोज मंदिर में पूजा करने आएंगे।

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