मुंबई महानगर क्षेत्र के निवासियों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। और महानगर गैस लिमिटेड ने शनिवार को संपीड़ित प्राकृतिक गैस की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है।
और फिर इस बढ़ोतरी के बाद अब मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG की खुदरा कीमत बढ़कर 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
साथ ही MGL ने घरों में इस्तेमाल होने वाली पाइप्ड कुकिंग गैस की दरों में भी 50 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा किया है।
और फिर आम जनता के लिए यह दोहरा झटका है, क्योंकि मई महीने में ही यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। फिर इससे पहले बीते 14 मई को भी CNG के दाम 2 रुपये बढ़ाए भी गए थे।
साथ ही अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में लगातार जारी उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित भी हुई है।
फिर इसके साथ ही, तेल कंपनियों को मजबूरन महंगी आयातित गैस का सहारा लेना भी पड़ रहा है। और फिर पेट्रोल और डीजल पर भी इसका सीधा असर दिख रहा है।
और वर्तमान में मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर के उच्च स्तर पर भी पहुंच गई है।
फिर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने सरकारी तेल कंपनियों को कम से कम 30 दिनों का एलपीजी बफर स्टॉक बनाए रखने का निर्देश दिया है, ताकि देश में रसोई गैस की किल्लत बिल्कुल भी न हो।
इसके अलावा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, भारतीय उपभोक्ताओं को वैश्विक संकट से बचाने के लिए सरकारी तेल कंपनियां खुद घाटा सह रही हैं।
और सार्वजनिक क्षेत्र की यह कंपनियां रोजाना करीब 550 करोड़ रुपये का भारी नुकसान भी उठा रही हैं।
और सरकार इससे पहले 27 मार्च 2026 को पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की उत्पाद शुल्क कटौती भी कर चुकी है।
फिर इसी का परिणाम है कि पड़ोसी देशों में जहां ईंधन की कीमतें 20 से 67 फीसदी तक बढ़ी हैं। फिर वहीं भारत में यह वृद्धि केवल 8 से 9 फीसदी के बीच सीमित भी रही है।
फिर इतना ही नहीं मुंबई में करीब 12 लाख से अधिक वाहन CNG पर चलते हैं। फिर इस नई बढ़ोतरी के बाद ऑटो, टैक्सी और बसों का परिचालन महंगा हो जाएगा।
और फिर मुंबई के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी यूनियनों ने पहले ही राज्य सरकार से न्यूनतम किराए में 2 से 3 रुपये की बढ़ोतरी करने की मांग तेज कर दी है।
साथ ही, पाइप्ड गैस महंगी होने से 31 लाख से अधिक परिवारों की रसोई का खर्च भी बढ़ गया है।