कानपुर शहर में वायु प्रदूषण एक बार फिर खराब स्तर पर पहुंच गया है। और फिर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तहत संचालित वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार शहर की हवा मध्यम से खराब श्रेणी में दर्ज की गई।
साथ ही शहर के तीन वायु प्रदूषण मापक केंद्रों में नेहरू नगर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 202 दर्ज किया गया, जो सीधे खराब श्रेणी में होने के साथ ही पूरे क्षेत्र के लिए आरेंज अलर्ट करता है।
फिर वहीं एफटीआई किदवई नगर में वायु गुणवत्ता 195 और एनएसआई कल्याणपुर में 194 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में है।
इसके साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक दो सौ पार पहुंचते ही आरेंज अलर्ट जारी हो जाता है।
जिससे सबसे ज्यादा दमा, एलर्जी और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को परेशानी बढ़ जाती है।
और फिर प्रदूषण बढ़ने के पीछे मौसम की स्थिर स्थिति, वाहनों का बढ़ता दबाव, निर्माण कार्य और औद्योगिक उत्सर्जन प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
हवा की गति कम होने से प्रदूषक कण वातावरण में ही ठहरे रहते हैं, जिससे प्रदूषण का प्रभाव और गंभीर हो जाता है।
इसके अलावा मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल के डा.संजय वर्मा ने बताया कि वायु गुणवत्ता खराब होते ही बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है।
और फिर सुबह और शाम के समय खुले में टहलने या भारी शारीरिक गतिविधियों से बचने, मास्क का उपयोग करना चाहिए। घरों के भीतर साफ-सफाई बनाए रखने की जरूरत होती है।
इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत कुमार सुमन ने बताया कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और मौसम में बदलाव के साथ वायु गुणवत्ता का स्तर ऊपर-नीचे भी होता है।
और फिर नगर निगम के द्वारा लगातार पानी का छिड़काव हो रहा है। इसके साथ ही निर्माण क्षेत्रों की निगरानी भी की जा रही है।