न्यूज़लिंक हिंदी। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कारसेवकों पर गोली चलवाने के मुद्दे पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि उस समय अयोध्या में स्टे के बावजूद भारतीय जनता पार्टी के कारसेवकों ने हिंसा की थी। जिसको लेकर तत्कालीन सरकार को संविधान की रक्षा की खातिर गोली चलवानी पड़ी थी। कारसेवकों ने आदेश का उल्लंघन किया था जबकि न्यायालय ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
महासचिव बोले- सरकार ने कोर्ट के आदेश का पालन किया था। वे सपा कार्यालय पर एक समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी झूठ की राजनीति करती है। राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा भाजपा का आयोजन है। जबकि यह वाकई में संतों का होना चाहिए था। शंकराचार्य व सनातनियों का अपमान देश देख रहा है। इसका नतीजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अधूरे राम मंदिर का उद्घाटन किया जा रहा है।
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दलितों को लूटकर दौलत की बेटी बन गईं
भाजपा देश की पूजा पद्धति तो छोड़िए संविधान को भी बदलने की तैयारी में जुटी है। महासचिव ने यह भी कहा कि 22 जनवरी के बाद पूरे परिवार के साथ सपा के लोग राममंदिर के दर्शन करने जाएंगे। बसपा प्रमुख मायावती पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि मायावती दलितों को लूटकर दौलत की बेटी बन गईं यह किसी से छिपा नहीं है। सपा से गठबंधन कर उन्हें 10 सीटें मिली थीं जबकि सपा से अलग होने पर केवल एक सीट पर सिमट गई थीं। सपा प्रदेश की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है। लेकिन आइएनडीआइए गठबंधन में जिसको जहां से टिकट मिलेगा सपा उसे जिताएगी।
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