न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है। यह वर्ष 2024 का प्रथम और 18वीं विधानसभा का सातवां सत्र होगा। वर्ष का प्रथम सत्र होने के नाते इसकी शुरुआत दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के समक्ष राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। अभिभाषण में राज्यपाल योगी सरकार के कामकाज का ब्यौरा देंगी। अयोध्या में हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह का अभिभाषण में प्रमुखता से उल्लेख होगा। विपक्ष कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों व निराश्रित पशुओं की समस्याओं को लेकर सदन में सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए अपने अभिभाषण की शुरुआत की। राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारंभ होते ही विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा और शोरगुल शुरू कर दिया। हालांकि, इस दौरान भी राज्यपाल अभिभाषण पढ़ती रहीं। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा देश में रामराज्य के प्रारंभ का प्रतीक है। उन्होंने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदेश सरकार की पीठ ठोंकी और कहा कि इससे राज्य को बड़ा लाभ हुआ है। सुदृढ़ कानून व्यवस्था और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से निवेशक प्रदेश में आने के लिए लालायित हैं।
सदन में लगे वापस जाओ के नारे, राज्यपाल बोलीं- मैं जाने वाली नहीं…
यूपी विधानमंडल का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। अब से कुछ ही देर में विधानमंडल में अभिभाषण पेश करेंगी। यह बजट सत्र आज से शुरू होकर 12 फरवरी तक चलेगा। पांच को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश करेंगे।

दोपहर 12.30 बजे राज्यपाल का अभिभाषण पढ़कर सुनाया जाएगा। तीन फरवरी को भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह और सपा विधायक एसपी यादव के निधन पर शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो जाएगी। ऐसे में सदन में विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा किया और वापस जाओ के नारे लगने लगे तभी राज्यपाल बोलीं- मैं जाने वाली नहीं… कौन जाएगा बाद में पता चलेगा…इसके बाद उन्होंने अपना अभिभाषण पढ़ना जारी रखा। राज्यपाल के जवाब देने से भाजपा सदस्य भी उत्साहित हो गए और एक स्वर में उनका समर्थन किया।
विपक्ष के हंगामे पर जताई नाराजगी
अभिभाषण के दौरान लगातार हो रहे हंगामे से नाराज होकर राज्यपाल ने कुछ देर के लिए अभिभाषण बंद कर दिया और विपक्ष के सदस्यों की तरफ देखकर कहा कि … और शोर मचाइए…। इसके बाद अभिभाषण पढ़ना जारी रखना। विपक्ष के सदस्य प्रदेश की कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए लगातार सदन में नारेबाजी कर रहे हैं।

