यूपी में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बुधवार को दावा भी किया कि जिन घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर भी लगाए गए हैं, वहां बिजली की खपत में अचानक बढ़ोत्तरी भी दर्ज की गई है।
साथ ही परिषद के अनुसार यह स्थिति संदेहास्पद है क्योंकि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को दो प्रतिशत रियायत भी देते हैं, जिससे खर्च घटने की उम्मीद भी थी।
इसके अलावा अवधेश कुमार वर्मा ने पावर कॉरपोरेशन से पारदर्शिता बरतने और तुलनात्मक आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग भी की गई।
और फिर 15 अक्तूबर तक 44.37 लाख उपभोक्ताओं के मीटर स्मार्ट प्रीपेड से बदले जा चुके हैं, जिनमें 20.66 लाख सक्रिय भी हैं।
और फिर परिषद का कहना है कि यदि बिलों में असामान्य बढ़ोतरी की पुष्टि भी होती है, तो मीटरों की राष्ट्रीय मानक प्रयोगशाला से जांच भी कराई जानी चाहिए।
और फिर पारदर्शी जांच से ही स्पष्ट होगा कि समस्या तकनीकी है या बिलिंग प्रणाली में गड़बड़ी भी है।