सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उप्र. को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में व्यापक त्रुटियों का गंभीर आरोप लगाया है।
फिर ये भी मांग की है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें 10 से 25 अप्रैल तक जिलाधिकारी स्तर पर अपील का अवसर दिया जाए। और फिर इसके लिए स्पष्ट एसओपी भी जारी की जाए।
इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष द्वारा शुक्रवार को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के 1,77,516 पोलिंग बूथों की अंतिम मतदाता सूची में ‘ही लॉजिकल एरर के आधार पर बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं।
फिर भी कई नए नाम जोड़े और संशोधित किए गए हैं। और फिर पार्टी ने मांग की है कि विधानसभा और बूथवार डिलीटेड, जोड़े गए और संशोधित नामों की सूची सभी राजनीतिक दलों को तत्काल उपलब्ध भी कराई जाए।
और फिर कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने प्रदेश में कराई गई एसआईआर प्रक्रिया को गैरकानूनी बताते हुए ही इसे लोकतंत्र के साथ धोखा करार दिया है।
फिर उन्होंने अंतिम मतदाता सूची पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह प्रक्रिया जनता के मतदान अधिकारों का हनन भी है।
इसके अलावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज द्वारा मांगी गई जानकारी में ही चुनाव आयोग के पास ही एसआईआर से संबंधित कोई भी स्पष्ट आदेश या पत्रावली उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई है।
फिर ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दबाव में भी कराई गई है।
फिर उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान बीएलओ पर दबाव बनाया गया, जिसके कारण कई कर्मियों को कठिन परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ा।
साथ ही उन्होंने मतदाता संख्या में भारी कमी पर भी चिंता जताई। फिर उनके अनुसार, पहले जहां मतदाता संख्या 15 करोड़ से अधिक थी।
वह अब घटकर करीब 13.69 करोड़ ही रह गई है। और फिर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ये भी मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच भी कराई जाए।
और 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों के ही नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएं। ताकि निष्पक्ष चुनाव पूरी तरह से सुनिश्चित हो सके।