केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ही सीबीएसई रिजल्ट में ‘हेर-फेर’ के मामले में राहुल गांधी के आरोपों पर विभिन्न प्रतिक्रिया दी है।
फिर गुरुवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा, राहुल गांधी एक अलग मानसिकता में पहुंच चुके हैं। और फिर निरंतर चुनाव हारने के कारण वो फ्रस्ट्रेशन में भी जा चुके हैं।
और फिर उन्होंने एसआईआर का विरोध भी किया। साथ ही ईवीएम का भी विरोध किया। और डिजिटल इंडिया का भी विरोध किया। साथ ही भारत की वैज्ञानिक प्रगति के साथ वो नहीं हैं।
फिर आगे उन्होंने कहा, मैं खुद इस विसंगति और अव्यवस्था का सरकार की ओर से दायित्व लेता हूं। फिर उनसे अनुरोध करता हूं उनका इस संबंध में कोई भी बयान देना बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
और फिर मैं पहले ही ये भी कह चुका हूं कि ये राजनीति का समय भी नहीं है। फिर बच्चों का मानसिक तनाव और भी न बढ़े इसलिए इस तरह के बयान भी न दें।
फिर इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन के परीक्षा परिणामों में ‘हेर-फे़र’ का आरोप लगाते हुए भी केंद्र सरकार और ‘कोएम्प्ट एडुटेक’ नाम की कंपनी को इसके लिए मुख्य ज़िम्मेदार भी ठहराया है।
हालांकि सीबीएसई ने राहुल गांधी के इन आरोपों को पूर्ण रूप से ख़ारिज किया है। और फिर सीबीएसई के मुताबिक़ ही राहुल गांधी के आरोप ग़लत, भ्रामक और तथ्यों पर पूर्ण आधारित नहीं हैं।