JNU: छात्र संघ चुनाव की बैठक में हुआ हंगामा, एबीवीपी-वाम सदस्यों के बीच झड़प, घायलों को किया गया भर्ती

डीएसएफ ने एक बयान में कहा, '2023-2024 छात्र संघ चुनाव शुरू होने की जेएनयू प्रशासन की घोषणा के जवाब में, एबीवीपी ने प्रशासन के साथ मिलकर छात्रों द्वारा बुलाए गए यूजीबीएम को बाधित करने और जेएनयूएसयू चुनाव 2024 की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोकने के लिए मिलकर काम किया।

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न्यूज़लिंक हिंदी, नई दिल्ली। चुनाव कराने पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संघ एक बैठक के दौरान एबीवीपी और वाम समर्थित समूहों के बीच शुक्रवार देर रात झड़प हो गई, बता दे कि जिसमें दोनों पक्षों ने दावा किया कि उनके कुछ सदस्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब इस मामले में जेएनयू प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

चुनाव प्रक्रिया बांधित करने का लगाया आरोप
जानकारी के मुताबिक, जेएनयूएसयू चुनावों के लिए चुनाव आयोग के सदस्यों का चुनाव करने के लिए परिसर में साबरमती ढाबा पर विश्वविद्यालय की आम सभा की बैठक (यूजीबीएम) के दौरान छात्र समूह आपस में भिड़ गए। एबीवीपी ने आरोप लगाया है कि उनके सदस्यों पर हमला किया गया और उन्हें चोटें आई हैं। वहीं, डीएसएफ ने एबीवीपी के सदस्यों पर चुनाव प्रक्रिया बांधित करने का आरोप लगाया है।

डीएसएफ ने एक बयान में कहा, ‘2023-2024 छात्र संघ चुनाव शुरू होने की जेएनयू प्रशासन की घोषणा के जवाब में, एबीवीपी ने प्रशासन के साथ मिलकर छात्रों द्वारा बुलाए गए यूजीबीएम को बाधित करने और जेएनयूएसयू चुनाव 2024 की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोकने के लिए मिलकर काम किया। डीएसएफ ने कहा कि, एबीवीपी के अलोकतांत्रिक व्यवहार की निंदा करता है! हम छात्र समुदाय से साबरमती ढाबा पर होने वाले यूजीबीएम में बड़ी संख्या में इकट्ठा होने और एबीवीपी के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान करते हैं।’

कार्यकर्ताओं को जातिवादी गालियां दीं
एबीवीपी ने एक बयान में कहा सर्वदलीय ने यूनिवर्सिटी जनरल बॉडी मीटिंग का आयोजन किया, जो रात 9:30 बजे साबरमती मैदान में रखी गई थी। सबसे पहले वामपंथी जेएनयूएसयू ने माइक और साउंड कार्यकर्ताओं को जातिवादी गालियां दीं क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि एबीवीपी यूजीबीएम में भाग ले। इस पर कार्यकर्ताओं ने अपमानित महसूस किया और पीछे हट गए।

हालांकि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उनसे बात की और उन्हें माइक और साउंड नहीं ले जाने के लिए प्रेरित किया। जब वामपंथी नेतृत्व वाली पार्टियों (एआईएसए, एसएफआई, डीएसएफ और कई अन्य) ने देखा कि यूजीबीएम किसी भी तरह से होगा, तो उन्होंने यूजीबीएम को परेशान करने की कोशिश की। हालांकि एबीवीपी ने उनकी सभी रणनीति को विफल कर दिया।

विकलांग छात्रों को भी नहीं बख्शा
आख़िरकार उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने उन शारीरिक विकलांग छात्रों को भी नहीं बख्शा जो एबीवीपी के समर्थक थे। उन्होंने बीए प्रथम वर्ष के फारसी छात्र दिव्यप्रकाश को बेरहमी से पीटा है। उन्होंने एमए प्रथम वर्ष के छात्र कन्हैया को भी पीटा है। एबीवीपी के कई समर्थक और छात्र भी घायल हुए हैं।

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