न्यूज़लिंक हिंदी। कामकाजी महिलाओं के लिए बड़ी खुशख़बरी, कंपटीशन की तैयारी करने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए राजधानी में वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा।
नगर निगम ने इसका प्रस्ताव शासन को मुख्य रूप से भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर निकालकर एक से डेढ़ महीने में निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हैदराबाद की तरह राजधानी में लगभग 5,700 वर्गमीटर में जी-प्लस 5 इमारत का निर्माण कराया जाएगा।
इसमें 104 बेड की व्यवस्था भी रहेगी। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना से जोन-8 के औरंगाबाद में भवन निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। निर्माण पर लगभग 35.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जल निगम के सीएंडडीएस ने भवन की डीपीआर भी बनाई गई है।
बिल्डिंग में हॉस्टल और एडमिन दो ब्लॉक होंगे। हॉस्टल ब्लाक में कमरे, बैठने की जगह, टेरेस और कोर्ट यार्ड रहेगा। एडमिन ब्लाक में गेस्ट रूम, लाइब्रेरी, क्रेच, वेटिंग एरिया, वार्डन ऑफिस, मीटिंग हॉल, रिसेप्शन, सर्विस इंट्री, टॉयलेट, एकाउंट ऑफिस, रिकार्ड रूम, किचन और डाइनिंग हाल बनाया जाएगा।
भवन में गेस्ट रूम, लाइब्रेरी, सिंटिंग एरिया, टेरेस, वेटिंग एरिया के अलावा बैडमिंटन कोर्ट, जिमनेजियम भी मुख्य रूप से बनाया जाएगा। जहां कामकाजी महिलाएं अपनी सेहत का ख्याल भी रख सकेंगी।
हॉस्टल में महिलाओं को परिवार के साथ रहने की व्यवस्था भी रहेगी। इसके लिए सिंगल और डबल बेडरूम के मकान बनाए जाएंगे। सिंगल बेडरूम के मकान लगभग 270 वर्गफीट और डबल बेडरूम के मकान लगभग 350 वर्गफीट के होंगे।
बिल्डिंग के निर्माण में नई तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाएगा। मकान ऐसे बनाए जाएंगे जिनमें सूरज की सीधी तेज धूप न पड़े। आस-पास ग्रीनरी के साथ पेड़-पौधे भी लगाए जाएंगे। वाटर बॉडी भी विकसित की जाएगी। जिससे बिल्डिंग में गर्मी का प्रभाव कम होगा।
नगर निगम ने वर्किंग वूमेन हॉस्टल का प्रस्ताव शासन को भी भेज दिया गया है। एक सप्ताह में अप्रूवल मिलते ही टेंडर भी कराया जाएगा। एक से डेढ़ महीने में निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा। हॉस्टल बनने से कम्पटीशन की तैयारी करने आने वाली आस-पास के जिलों की छात्राओं और नौकरी पेशा महिलाओं को रहने की पूर्ण सुविधा भी मिलेगी।

