कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए अग्रिम ज़मानत पूर्ण रूप से दे दी है। और फिर यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी से ही जुड़ा है।
इसके साथ ही पवन खेड़ा ने उन पर ये भी आरोप लगाया था कि उनके पास कई पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं।
और फिर खेड़ा के इस दावे के बाद हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी ने शिकायत भी दर्ज कराई थी।
और फिर पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने अग्रिम ज़मानत भी दी है।
और फिर इससे पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम ज़मानत की याचिका को भी ख़ारिज कर दी थी।
इसके साथ ही लाइव लॉ के मुताबिक़, शुक्रवार सुबह जारी फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणी रिकॉर्ड पर रखी गई सभी सामग्री के सही आकलन पर ही आधारित नहीं है और यह ग़लत भी लग रही है।
और फिर अदालत ने यह भी कहा कि आरोप और प्रत्यारोप पहली नज़र में ही राजनीतिक रूप से प्रेरित और आपसी प्रतिद्वंद्विता से प्रभावित भी लगते हैं, न कि ऐसी स्थिति दर्शाते हैं जिसमें हिरासत में पूछताछ भी की ज़रूरत हो।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा, आरोपों की सच्चाई की जांच ट्रायल के दौरान भी की जा सकती है।