चीन ने आज से सिर्फ़ एक देश छोड़कर बाक़ी के सभी अफ़्रीकी देशों पर से टैरिफ़ को ख़त्म करेगा।
और फिर यह एकमात्र देश एस्वाटिनी है, क्योंकि उसके ताइवान के साथ राजनयिक संबंध भी हैं।
इसके साथ ही दिसंबर 2024 तक चीन 33 सबसे कम विकसित अफ़्रीकी देशों के लिए पहले ही ड्यूटी-फ़्री नीति लागू भी कर चुका था।
और फिर अब यह नीति 53 देशों को कवर भी करती है और 30 अप्रैल 2028 तक लागू भी रहेगी। और फिर इसके बाद क्या होगा, यह बिल्कुल भी साफ़ नहीं है।
इसके अलावा चीन का ये भी कहना है कि वह अफ़्रीका को एकतरफ़ा ज़ीरो-टैरिफ़ सुविधा देने वाली पहली बड़ी अर्थव्यवस्था भी है।
और फिर लेकिन विश्लेषकों का ये भी कहना है कि चीन इस मौक़े का इस्तेमाल अपने सॉफ़्ट पावर को मज़बूत करने के लिए भी कर रहा है।
और फिर उनका यह भी कहना है कि टैरिफ़ अक्सर अफ़्रीकी निर्यातकों के लिए मुख्य बाधा भी नहीं होते हैं। और फिर चीन के साथ अफ़्रीका का व्यापार भी घाटा काफ़ी बड़ा है।