भारत में ईरानी दूतावास ने विदेश मंत्री के एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची के बीच हुई बुधवार को फ़ोन पर हुई बातचीत की विस्तार से जानकारी दी है।
और फिर इस पर ईरानी दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, बातचीत के दौरान ईरान के विदेश मंत्री ने अपने भारतीय के समकक्ष को क्षेत्रीय स्थिति और इंटरनेशनल नेविगेशन की आज़ादी को ख़तरे में ही डालने वाली अमेरिका की लगातार ग़ैरक़ानूनी कार्रवाइयों के असर के बारे में मुख्य जानकारी दी।
फिर इसके साथ ही ईरान के ख़िलाफ़ थोपी गई जंग को ख़त्म करने के लिए चल रही बातचीत से जुड़े ताज़ा घटनाक्रम से भी अवगत भी कराया गया।
और फिर बयान में ये भी कहा गया, विदेश मंत्री ने फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज़ स्ट्रेट में पैदा हुई।
और फिर असुरक्षा को अमेरिका और ज़ायनिस्ट शासन की ईरान के ख़िलाफ़ आक्रामक कार्रवाइयों का सीधा नतीजा भी बताया।
फिर इसके अलावा ईरानी दूतावास के मुताबिक़, अब्बास अराग़ची ने कहा कि इन कार्रवाइयों की वजह से ही वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिति पर पड़ने वाले असर के लिए अमेरिका और इसराइल को जवाबदेह ठहराना बेहद ज़रूरी भी बताया है।
इसके अलावा दूतावास ने ये भी बताया कि इस बातचीत के दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने भारत के सैद्धांतिक रुख़ को दोहराते हुए ही संघर्ष ख़त्म करने और विवाद सुलझाने के लिए कूटनीति का पूर्ण समर्थन भी किया।