अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब ये कहा है कि अमेरिका और सऊदी अरब के बीच सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समझौता अब तभी लागू होगा।
जब सऊदी अरब इसराइल को एक संप्रभु राष्ट्र के तौर पर मान्यता भी दे दे। इसके साथ ही ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समझौते को मंजूरी भी दी जाएगी।
और फिर यह समझौता सिर्फ़ सिविल मक़सद के लिए है। लेकिन इसकी मंजूरी पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि सऊदी अरब प्रतिष्ठित और सफल अब्राहम समझौतों में ही शामिल होता है या नहीं।
फिर भी यह तुरंत साफ़ नहीं हो पाया कि इसराइल को मान्यता देने और अब्राहम समझौतों में शामिल होने की यह शर्त उस परमाणु समझौते के मूल दस्तावेज़ का हिस्सा है भी या नहीं।
फिर इस समझौते का टेक्स्ट अभी सार्वजनिक भी नहीं किया गया है। और फिर ये भी अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
और फिर यह भी स्पष्ट नहीं है कि सऊदी अरब ने इस शर्त को स्वीकार किया है भी या नहीं।