कानपूर सेंट्रल से नौबस्ता तक अभी मेट्रो रेल का संचालन भले ही शुरू न हुआ हो, पर यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन ने विज्ञापन मामले में 20 करोड़ रुपये कमा लिए हैं।
और फिर नीलामी के बाद 42 दुकानों का तीन से नौ साल तक ठेका आवंटन हो गया है।
फिर ऐसे ही अभी अन्य कई दुकानों विज्ञापन के ठेकों का आवंटन अभी होना बाकी भी है। इसके साथ ही सेंट्रल से नौबस्ता के बीच सात स्टेशन बनाए गए हैं।
इनमें झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर एवं नौबस्ता में मेट्रो स्टेशन हैं।
और फिर यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन के संयुक्त महाप्रबंधक पंचानन मिश्र ने ये भी बताया कि सेंट्रल से नौबस्ता के बीच सात मेट्रो स्टेशन बने हैं।
फिर ये राजस्व प्राप्ति गैर यात्री किराया है। उन्होंने बताया कि स्टेशनों पर विज्ञापन के लिए और आवेदन मांगे गए हैं।
फिर आगे उन्होंने बताया कि अभी 15 किमी तक आइआइटी से सेंट्रल तक वर्तमान में राइडरशिप 20 से 25 हजार है।
और फिर आइआइटी से नौबस्ता कुल 24 किमी तक जुड़ने के बाद ही दक्षिण के लोगों को भी मेट्रो रेल सेवा मिलनी शुरू हो जाएगी।
और फिर इसलिए राइडरशिप एक लाख से भी अधिक होने का अनुमान है। पफीर वर्तमान में आइआइटी से कानपुर सेंट्रल तक 16 किमी की दूरी में यात्री सेवा का परिचालन भी हो रहा है।
फिर इसके अलावा जनसंपर्क अधिकारी पंचानन मिश्र ने ये भी बताया कि रेल संरक्षा आयुक्त ने निरीक्षण के बाद कुछ मामलों में आपत्ति लगाकर सुधार के निर्देश दिए थे।
फिर जिसके क्रम में कार्रवाई चल रही है। साथ ही आपत्ति दूर करने के संबंध में सीएमआरएस की टीम को भी जानकारी भी दी गई है।
और फिर इसी क्रम में दक्षिण में भी सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो रेल सेवा शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री से लोकार्पण के संबंध में पीएमओ से तारीख-समय की मांग भी भेज दी गई है।
और फिर इस संबंध में उन्होंने उप्र आवास एवं शहरी नियोजन विभाग में पत्राचार भी किया है।
और फिर जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त और उनकी टीम कानपुर में निरीक्षण के बाद पुणे मेट्रो रेल कारिडोर की संरक्षा जांचने भी निकल गई थी। और फिर इसलिए सेंट्रल से नौबस्ता की अंतिम रिपोर्ट आने में देरी हुई है।
फिर उन्होंने उम्मीद जताई कि 24 जुलाई को आगरा में निरीक्षण से पहले रेल संरक्षा आयुक्त सेंट्रल से नौबस्ता मेट्राे संचालन के लिए हरी झंडी भी जारी कर देंगे।