नेशनल एलिजबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट के परिणाम को लेकर छात्रा आर्या सिंह का अब ये आरोप है कि उनका परिणाम तीन बार बदला गया।
और फिर परीक्षा के बाद जारी ओएमआर शीट व फाइनल आंसर-की के मिलान में 609 अंक थे। और फिर 540 अंक दिखाए गए और बाद में यह स्कोर 167 अंक पर पहुंच गया।
फिर इसके साथ ही छात्रा ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ईमेल भेजकर की है व कोर्ट जाने की भी बात कही है।
और वहीं, एनटीए ने छात्रा के आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि उनका स्कोरकार्ड फर्जी है।
फिर उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया या अन्य प्लेटफार्म पर दिखाया जा रहा स्कोरकार्ड व ओएमआर शीट भी गलत है।और फिर यह उम्मीदवार की असली ओएमआर शीट नहीं है।
और वास्तविक ओएमआर शीट का सही ढंग से मूल्यांकन करके उसी के अनुसार आधिकारिक स्कोरकार्ड जारी किया गया है। और क्यूआर कोड की जांच में पता चला है कि उसका 540 अंकों वाला स्कोरकार्ड फर्जी है।
इसके अलावा पनकी निवासी आर्या सिंह और उनके पिता राकेश कुमार सिंह का आरोप है कि 21 जून को आयोजित री-नीट के परिणाम जारी करने में गड़बड़ी की गई है।
और फिर एनटीए की ओर से जारी ओएमआर शीट पर चैलेंज किया तो दूसरी अपडेटेड ओएमआर शीट जारी की गई।
लेकिन उसका सीरियल नंबर भी बदल दिया। और फिर आर्या ने एनटीए और शिक्षा मंत्रालय को सभी साक्ष्यों ओएमआर शीट, चैलेंज प्रूफ, अपडेटेड ओएमआर व आंसर-की के साथ ईमेल भेजकर ही जवाब मांगा है।