देश के दिग्गज उद्योगपतियों में ही शामिल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के लिए साल 2026 की शुरुआत ही में एक गहरे सदमे के साथ हुई है।
और फिर उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
फिर इस दुखद घड़ी में सोशल मीडिया पर संवेदनाओं की बाढ़ आ गई है, वहीं अनिल अग्रवाल के बेटे के निधन के बाद अब लोग इस दिग्गज बिजनेस परिवार और उनकी विरासत के बारे में जानना भी चाह रहे हैं।
और फिर लोग जानना चाहते हैं कि अनिल अग्रवाल कौन हैं, उनके परिवार में कौन-कौन है और उन्होंने इतना बड़ा बिजनेस कैसे खड़ा किया।
और अब जब उनके बेटे इस दुनिया में नहीं रहे तो इस बिजनेस को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी किसके कंधे पर होगी?
और फिर अनिल अग्रवाल के फाउंडर और चेयरमैन हैं। फिर उन्होंने 1976 में इस कंपनी की शुरुआत एक छोटी केबल कंपनी से की थी।
और फिर बहुत कम उम्र में उन्होंने अपने पिता के साथ स्क्रैप के काम से बिजनेस की दुनिया में कदम भी रखा।
और फिर कई बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हार भी नहीं मानी और धीरे धीरे Vedanta को मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल जैसे बड़े सेक्टर में खड़ा भी किया।
और फिर एक साधारण परिवार से निकलकर अरबों की कंपनी बनाने वाले अनिल अग्रवाल की कहानी आम लोगों के लिए भी प्रेरणा है।
इसके साथ ही अनिल अग्रवाल का परिवार हमेशा से सादगी के लिए जाना जाता रहा है। और फिर परिवार में उनकी पत्नी किरण अग्रवाल हैं, जो लाइमलाइट से दूर रहकर परिवार की धुरी भी बनी रही हैं।
और फिर उनके दो बच्चे थे। और बेटे अग्निवेश अग्रवाल और बेटी प्रिया अग्रवाल। फिर हाल ही में बेटे अग्निवेश का अमेरिका में इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
और बेटे के निधन के बाद अग्निवेश के बारे में बताते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि वह सिर्फ एक बेटा नहीं, बल्कि उनका सबसे करीबी दोस्त और गर्व भी था।
और फिर उनकी बेटी प्रिया अग्रवाल वर्तमान में Vedanta और Hindustan Zinc के बोर्ड में भी शामिल हैं और हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन के तौर पर बड़ी जिम्मेदारियां भी संभाल रही हैं।
और बिजनेस में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है और आने वाले समय में Vedanta की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर रहने की उम्मीद भी है।
साथ ही एक स्क्रैप यानी कबाड़ व्यापारी से अपना सफर शुरू करने वाले अनिल अग्रवाल आज भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों में भी शुमार हैं।
और फिर फोर्ब्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल संपत्ति करीब 4.2 अरब डॉलर यानी लगभग 35,000 करोड़ रुपये है।
इसके साथ ही वेदांता साल 2003 में London Stock Exchange में लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी।बाद में 2019 में अनिल अग्रवाल ने कंपनी को फिर से प्राइवेट भी कर लिया।
और फिर मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल एंड गैस जैसे बड़े सेक्टर में फैले वेदांता ग्रुप का कारोबार आज भारत ही नहीं बल्कि विदेशों तक फैला भी हुआ है।
और फिर इतनी बड़ी संपत्ति के मालिक होने के बावजूद अनिल अग्रवाल अपनी सादगी और दानवीर स्वभाव के लिए जाने जाते हैं।
फिर उन्होंने ‘Giving Pledge’ के तहत अपनी 75 फीसदी संपत्ति समाज सेवा के लिए दान करने का वादा भी किया है।
और फिर अनिल अग्रवाल ने पहले ही ऐलान कर रखा है कि वह अपनी कमाई का 75 फीसदी हिस्सा समाज के कामों में लगाएंगे।
और फिर बेटे के निधन के बाद उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अब वह और भी सादगी से जीवन बिताएंगे और अग्निवेश के सपनों को पूरा करने के लिए समाज सेवा के कामों को और तेजी से आगे भी बढ़ाएंगे।
इसके अलावा अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में निधन परिवार के लिए सबसे बड़ा झटका है।
और फिर अब जबकि वह इस दुनिया में नहीं हैं, अनिल अग्रवाल का पूरा ध्यान अपनी बेटी प्रिया अग्रवाल और उनके साथ मिलकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने के मिशन भी होगा।